| भास्कर न्यूज त्न निम्बाहेड़ा अभा साहित्य परिषद द्वारा उपेंद्र चतुर्वेदी की स्मृति में आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने काव्य के विविध रस से श्रोताओं को सर्द रात में तड़के तक बांधे रखा। कवि सम्मेलन का आगाज लता सोनी ने सरस्वती वंदना से किया। राजेंद्र गोपाल व्यास ने मेरे रथ को संभालो सांवरा मैं माया से भया बावरा सुनाई। राजेंद्र विद्रोही ने शरणार्थियों पर चिंता प्रकट करते हुए कहा फरिश्ते भी हो तो पूछ कर आए, ये जन्नत नहीं हमारा वतन है दोस्तों। कन्या भू्रण हत्या पर कहा तुम आज कोख में ही कत्ल कर रहे हो बेटियां, बड़े नसीब से घरों में आती है बेटियां। लता सोनी ने प्यार उपजाती हूं, नफरत को दफन करती हूं कविता सुनाई। श्याम अंगारा ने अफजल को फांसी नहीं देना भारत मां को गाली है कविता सुनाई। राजेंद्र शर्मा ने राजनीति में जूतें चलने पर व्यंग्य किया, रमेश शर्मा ने क्या लिखते रहते हो यूं ही चांद की बातें करते हो कविता से प्रेम रस बहाया। अशोक चारण ने कहा दिल्ली अमेरिका के आगे मुन्नी बनकर नाच रही है, श्याम पाराशर ने बीमा एजेंट व बाल्या की बाई के माध्यम से श्रोताओं को लोटपोट कर दिया। राधेश्याम मेवाड़ी ने राजस्थानी वीर गाथा पेश की। अमृत वाणी ने कंजूस व मेढक कविता के माध्यम से खूब हंसाया। सूत्रधार शांति तूफान थे। मुख्य अतिथि सुरेंद्र बोरदिया, विशिष्ट अतिथि प्रधान गोपाललाल आंजना, मनोहर वीराणी, ललित भाई शारदा, रामलाल आंजना थे। अध्यक्षता अशोक नवलखा ने की। संयोजक डॉ. रवींद्रकुमार उपाध्याय ने आभार जताया। तिरंगे पर शहीदों की अमर पहचान लिखता हूं निकुंभ त्न नाकोड़ा मित्र मंडल द्वारा निकुंभ चौराहा पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें राजस्थान व मप्र के कवियों ने हास्य, वीर व श्रृंगार रस की कविताओं से श्रोताओं को आनंदित किया। कवयित्री साबिया असर भोपाल ने आज तेरे शहर में नई हूं, कल पुरानी होकर चली जाऊंगी गीत सुनाया, वाजिद अली वाजिद ने वीर रस की कविता वतन का मान रखता हूं, वतन की शान लिखता हूं। तिरंगे पर शहीदों की अमर पहचान लिखता हूं सुनाकर दाद बटोरी। आकाश एक्सा विजयनगर में मेरी बीवी पड़ोसी के संग भाग गई, मेरी तो किस्मत ही जाग गई, कुंवारा कब तक रहूं अब तो शादी कराओ, भारतसिंह गुर्जर रतलाम ने अन्ना दम है तुम्हारी बात में, हिंदू-मुस्लिम सब तुम्हारे साथ है सुनाई। सुरेश बैरागी मंदसौर ने दिल की गहराइयों में गम ना रहे दरमियां अपने बाकी मरहम ना रहे, एक हो जाए गंगा-जमुना की तरह, तुम भी तुम ना रहो हम भी हम ना रहे सुनाई। कवयित्री गायत्री सरगम भीलवाड़ा ने ये जमीं मिल गई आसमां मिल गया, तुम मुझे क्या मिले यूं लगा खुदा ही मिल गया सुनाकर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। संपत सुरीला कांकरोली ने छोटी-छोटी पैरोडियां सुनाई। संचालन रशीद निर्मोही ने किया। |
हमारी आवाज
सर्द रात में भी तड़के तक बहता रहा काव्य रस
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C CAD Solution का उदघाटन
चित्तौड़गढ़ .नगर के पन्नाधाय सेतुमार्ग पर बने विशाल कोम्प्लेक्श में छ: अक्तूबर को दोपहर बारह बजे सी. केड सोल्यूशन का उदघाटन हुआ.नगर के इस तकनिकी प्रतिष्ठान के इस आगाज़ पर मुख्य अथिति मेवाड़ एज्युकेशन सोसाइटी के सचिव गोविन्द गदिया,विशिष्ट अथिति कालूलाल कुमावत सहित अन्य गणमान्य लोगों में सेवानिवृत उप शिक्षा निदेशक डॉ. श्याम सिंह मंडलिया,उद्योगपति कैलाश तोषनीवाल,कवि अमृत 'वाणी',संस्कृतिकर्मी माणिक,भरत जागेटिया,गोपाल पुरोहित,उमेश अजमेरा सहित कई लोग मौजूद थे.इस अवसर पर चन्द्र शेखर चंगेरिया द्वारा रचित ऑटो केड से जुड़ी एक पुस्तक का विमोचन भी किया
गया.सांवलिया क्रीएशन सोसाइटी और श्री सांवलिया शिक्षा शोध एवं युवा उत्थान संस्थान के इस संयुक्त उपक्रम की इससे पूर्व ही दो अन्य शाखाएं उदयपुर और भीलवाड़ा में संचालित की जा रही है.संस्थान के निदेशक चन्द्रशेखर चंगेरिया और अध्यक्ष पी.एस.चंद्रावत ने संयुक्त बयान में बताया कि ये संस्थान युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा के इंजिनीयरिंग क्षेत्र में आर्कीटेक्चर,सिविल,मेकेनिकल,इले क्ट्रिकल और इलेक्ट्रोनिक्स के क्षेत्र में ऑटो केड के ज़रिए शिक्षा के कई अवसर मिल सकेंगे |
'अपनी माटी' वेबपत्रिका का सितम्बर,2011 अंक
- ''आज मुख्य संघर्ष सुधारवाद और क्रान्तिवाद के बीच का है''-कौशल किशोर
- पुस्तक समीक्षा:उद्भ्रान्त एकदम से प्रचलित मिथकों को सिरे से खारिज नहीं करते
- लम्बी कविता ‘अनाद्यसूक्त’ के लिए वर्ष 2008 का भवानी प्रसाद मिश्र पुरस्कार
- चित्तौड़ में अन्ना हजारे आन्दोलन:-बुजुर्गों के साथ युवाओं की बेहतरीन पारी
- भड़ास के संस्थापक यशवंत सिंह चित्तौड़ में
- ''भ्रष्टाचार से भारत का आम नागरिक तुरन्त निजात चाहता है''-सामाजिक कार्यकर्ता सुशील दशोरा
- देवनारायण जी की फड़ का वाचन हरदा में
- कितना ज़रूरी है हस्तक्षेप
- आलेख:-परिपाटियो और परिभाषाओं को बदल गया एक आन्दोलन
- ‘‘आइसना’’ पत्रकारिता सम्मान के लिए प्रविष्ठियां आमंत्रित
- अन्ना के अनशन समाप्ति पर चित्तौड़ में निकले जुलूस की फोटो रपट
- अलख स्टडीज़,चित्तौड़ में ग्रीन दिवस के नज़ारे
- मल्हार उत्सव का आमंत्रण
- ‘परिकथा’ द्वारा संयोजित काव्य विमर्श और काव्य-पाठ
- प्रेमचन्द्र के समय का किसान आत्महत्या नहीं करता था
- आमंत्रण:स्पिक मैके का पहला ग्रामीण स्कूल अधिवेशन
- चित्तौड़ में मधुस्मिता के ओडिसी ने मन मोहा
- अनुवादित आलेख:-भ्रष्टाचार कभी भी पूरी तरह परिभाषित नहीं हो सका है
- चित्तौड़गढ़ में ‘‘अन्ना हजारे जिन्दाबाद’’,'‘जन लोकपाल बिल लाके रहेंगें'’
- आलेख:-प्रयास करें कि संघर्ष और बेहतर भविष्य के सपने मरे नहीं
- भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी की दो सपाट कवितायेँ
- हिंदी के क्लासिक उपन्यास 'गोदान' के प्रकाशन के पचहत्तरवें साल में
- ''ब्लॉग राइटिंग के बहाने अनपढ़ लोग भी हाथ आजमा रहे हैं''-यशवन्त कोठारी
- ''सृजन मन से निकलता है। प्रयास करने पर रचनाओं का निर्माण नहीं होता''-कवि ओम पुरोहित कागद
- आल इंडिया स्माल न्यूज पेपर एसोसिएशन (आइसना) का प्रांतीय सम्मेलन भोपाल मे
- ''पूरा देश स्पिक मैके के इस आंदोलन से कृतकृत्य है''-डॉ. मनमोहन सिंह
- चित्तौड़ में अन्ना हजारे आन्दोलन की तीन दिनी रपट
- इतिहासकार रामशरण शर्मा नहीं रहे...
- रवीन्द्रनाथ ठाकुर की कविताओं का हिंदी अनुवाद
- चित्तौड़ में स्पिक मैके विरासत का आगाज़ इक्कीस अगस्त,2011 को
- ''बढ़ते आर्थिक संबंधों के कारण हिन्दी का महत्त्व उजागर होने लगा है''-जापान के प्रोफेसर ताकेशि फुजिइ
- आंशिक रूप से चित्तौड़ बंद के कुछ छायाचित्र :महेंद्र खेरारु
- अन्ना हजारे के हित चित्तौड़ में तीजे दिन की फोटो रपट
- यशवन्त कोठारी का आलेख:-अन्ना के बहाने हाथ साफ़ करते लोग
- अन्ना के हित चित्तौड़ में निकले मौन जुलूस की फोटो रपट
- ‘सुखिया मर गया भूख से’ की समीक्षा:'देश आजाद हुआ, लेकिन होरी आजाद नही हुआ'
- ''किसी पागलपन में शामिल न होने का मतलब यह नहीं होता कि हम निष्क्रिय हैं'':-अशोक कुमार पाण्डेय
- अन्ना के समर्थन में चित्तौड़ में निकले मशाल जुलूस की फोटो रपट
- चर्चित ग़ज़ल संग्रह 'आमीन' के लिए मिला अंतरराष्ट्रीय पूश्किन सम्मान
- लेखक से मिलिए कार्यक्रम में 'कवि ओम पुरोहित कागद'
- ‘अन्ना हजारे एवं अन्य साथियों की गिरफ्तारी के विरूद्व निन्दा प्रस्ताव’
- अन्ना हजारे की गिरफ्तारी का लेखकों व संस्कृतिकर्मियों द्वारा विरोध
- युवा गीतकार अवनीश सिंह चौहान को प्रथम कविता कोश सम्मान
- ''संग्रह ‘रंग छवियां’ के नाटक वर्तमान समय की विद्रूपताओं और विदू्रपूताओं पर प्रहार करते हैं''-प्रो. भंवर सिंह सामौर
- सौरभ राय 'भगीरथ' की नई कविता 'उत्थिष्ठ भारत'
- साहित्य अकादेमी के बाल साहित्य पुरस्कार 2011 की घोषणा
- संस्मरण:-डॉ. सत्यनारायण व्यास की सेवानिवृति के बहाने
- ''उच्च 'शिक्षा को भी स्कूल शिक्षा की ही अगली कड़ी के रूप में देखना भारतीय जनमानस की एक बहुत बड़ी भ्रांति'':-डॉ. सदाशिव श्रोत्रिय
- ''हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम-विस्फोट की गूंज 'अंधा युग' में''-डॉ.रेणु व्यास
- भूमि अधिग्रहण एवं पुनर्वास कानून 2011:-राष्ट्रव्यापी अभियान के हित ज़रूरी अपील
- डॉ. अजीत कुमार सारस्वत् का तुकांत देशभक्ति गीत
- ‘मैकलुस्कीगंज’ मेरे लिए जागी आंखों का सपना है।’- विकास कुमार झा
- देर सबेर आया अंक 'सबलोग' का
- ''पूँजी से जुड़ा हुआ ह्रदय बदल नहीं सकता''-मुक्तिबोध
- प्रदेश मीडिया कार्यशाला 4 सितम्बर को चित्तौड़ में
- 'लोकतंत्र, इंसाफ और सामाजिक समानता के मूल्यों के लिए भीषण संकट'-मंगलेश डबराल
- '''हिंदी के लेखकों में बाज़ार को लेकर रोना-धोना करने का एक खास प्रचलन हुआ है''-डॉ. दुर्गा प्रसाद अग्रवाल
- 'कविता कोश' का अस्तित्व सिर्फ सामुदायिक प्रयासों से ही संभव है''-ललित कुमार
- रेणु व्यास का शोध पूरा:-गंभीर गद्य-लेखक और वैश्विक मानवता के महान् चिन्तक ‘दिनकर’
- 'आज का दौर कहता है कि मीरा से इतर भी देखना होगा'-बी.एल.सिसोदिया
- बाजारवाद और भारत में अमरीका की नकल से उपजे कुप्रभावों पर कथन का वर्तमान अंक
- पुस्तक समीक्षा:-जयप्रकाश मानस का कविता संग्रह 'अबोले के विरुद्ध'
- आलेख:-क्या इस समृद्धि के साथ इस समाज का मानसिक विकास हुआ है?
- वर्षा:कभी मुग्धा नायिका की तरह हो जाती है तो कभी प्रौढ़ प्रगल्भा
- मालवी गीत:'झम झम झम झम होई रे'
- प्रेरणा के लिए अतीत में झांकने के बजाय भविष्योन्मुखी रहना पसंद करता व्यक्तित्व रघुवीर सहाय
- जंतर मंतर पर अब भोजपुरी वाले भी
- स्पिक मैके राजस्थान की नई कार्यकारिणी घोषित
- भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार-2011 अनुज सिमडेगा को
- '' जहां कविता गरिष्ठ एवं अबोधगम्य हुई है तो घोर लापरवाही के चलते लद्धड़ गद्य''-महेश चंद पुनेठा
- प्रथम कविता कोश सम्मान 2011 में आप आ रहे ना ?
- 'अपनी माटी' वेबपत्रिका का अगस्त-2011 अंक
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''अपनी माटी'' सम्पादन मंडल
डी-39,पानी की टंकी के पास,
कुम्भा नगर,चितौडगढ़ (राजस्थान)-312001
Cell:-09460711896,
'अपनी माटी' वेबपत्रिका का अगस्त-2011 अंक
- माणिक की कविता :-ऐंठी हुई हवेलियाँ
- मालावी गीत:-आओ बेन आपण राखी मनावा
- 'वसुधा' का नया अंक और नया पता
- चित्तौड़गढ़ के प्रमुख होटल
- हंस रजत जयंती समारोह में आप आ रहे है ना ?
- ख़ास व्यक्तित्व के रूप में तीक्ष्ण व्यंग्यकार यशवंत कोठारी
- महावीर समता संदेश के सम्पादक हिम्मत सेठ के नाम कैलाश बनवासी का पत्र
- आयोजन आमंत्रण:-गालिब की दिल्ली या 'डेल्ही बेली' की दिल्ली
- यशवन्त कोठारी का व्यंग्य-'डेड लाईन से पहले ही लिखकर ढेर कर दो'
- यशवन्त कोठारी का व्यंग्य -'लिखने से मेरा पेट भरता है'
- ''राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता नही मिलना दुःखद है''-देव कोठारी
- अब तो चेतो मानखा
- जनसांस्कृतिक मूल्यों के लिए एक और मोर्चा,अनिल सिन्हा मेमोरियल फाउंडेशन: वीरेन डंगवाल
- भामाशाही परम्पराएँ आज भी चित्तौड़ की पहचान है- कलेक्टर रवि जैन
- उर्दू के प्रगतिशील, यथार्थवादी तथा धर्मनिरपेक्ष साहित्य को हिन्दी समाज तक लाने को प्रयत्नशील शकील सिद्दीकी
- स्पिक मैके,राजथान का तिन दिनी चिंतन शिविर अलवर में
- डा0 रामविलास शर्मा आलोचना सम्मान-2010 परिणाम घोषित
- दान धर्म का अनौखा तरीका विद्यार्थियों को पोशाक निशुल्क वितरण
- स्पिक मैके रिसोर्स सेंटर,कोटा के उदघाटन सत्र की तस्वीरें
- चित्रकार मुकेश बिजोले के हाथों बने कविता पोस्टर
- 'एक पीली दोपहर का किस्सा' का लोकार्पण
- निसार भाई नहीं रहे और साहित्यकारों की संवेदनहीनता
- चित्तौड़ एक्सप्रेस का 17 जुलाई,2011 अंक
- RetinAwareTM 2011,National Convention Invitation
- घासीराम वर्मा साहित्य पुरस्कार रत्नकुमार सांभरिया को
- डॉ0 केदार सिंह की कवितायेँ
- राष्ट्रभाषा और लिपि :-महात्मा गांधी
- केदार सम्मान वर्ष 2011 हेतु प्रविष्टियां आमंत्रित
- डॉ0 भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी की कविता 'सांझ का धुंधलका: उपयुक्त समय'
- स्पिक मैके रिसोर्स सेंटर अब कोटा में
- चित्तौड़ एक्सप्रेस का 10 जुलाई,2011 अंक
- कृष्ण प्रताप कथा सम्मान बन्दना राग को
- फ़ज़ल इमाम मल्लिक को 'राजीव गांधी एक्सीलेंस अवार्ड-2011'
- आलेख:-जनतंत्र :वर्तमान हालातों का एक संक्षिप्त विश्लेषण
- चित्तौड़ एक्सप्रेस का 3 जुलाई,2011 अंक
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'अपनी माटी' वेबपत्रिका का जुलाई-2011 अंक
- 'महज स्त्री होते हुए लिखना ही महिला लेखन नहीं है':- पद्मश्री डॉ चंद्रप्रकाश देवल
- हुसैन की यादों को समर्पित कविताएँ आमंत्रित
- 'सच यह है कि नागार्जुन नहीं होते तो हमलोग नहीं होते':- आलोकधन्वा
- अरविंद श्रीवास्तव की कविताओं में हमारे समय का विद्रूप स्पष्ट देखा गया है
- भाईचारा सम्मान-2011 वरिष्ठ पत्रकार हिम्मत सेठ को
- आलेख:-स्वतन्त्रता संग्राम के एक सेनानीः रामचन्द्र नन्दवाना
- आरा में नागार्जुन पर हुए आयोजन की फोटो रपट
- ' डॉ.मोहन सिंह मेहता नागरिकता के बेमिसाल व्यक्तित्व ':-मोहन सिंह कोठारी
- 'साहित्य अपने स्वभाव से ही व्यवस्था का विरोधी होता है':- युवा आलोचक पल्लव
- चित्तौड़ एक्सप्रेस का 26 जून,2011 अंक
- लघु समीक्षा:प्रबन्ध काव्य 'मैं अट्ठारह सौ सत्तावन बोल रहा हूँ'
- संस्मरण:-गायब होती बीन और जाते हुए बीनकार
- सुमीत द्विवेदी की कविता:-गांधी जी मुस्कुरा रहे हैं
- परिचय :-सामाजिक कार्यकर्ता और स्वतंत्र लेखक सुमीत द्विवेदी
- छायाचित्र:-नागार्जुन की कविता नुक्कड़ पर आ, तन गयी
- अरविंद श्रीवास्तव का एकल काव्य पाठ पटना में
- ''उद्भ्रांत की सृजनात्मक ऊर्जा की दाद देनी होगी।'' -नामवर सिंह
- आरा में नागार्जुन पर आयोजन और सुधीर सुमन की डायरी
- डॉ. दुर्गा प्रसाद अग्रवाल की एक दोपहर संगीतकार दान सिंह के साथ
- बोधि प्रकाशन की पुस्तक पर्व योजना के बंध-02 का विमोचन
- दिलीप गांधी की फादर डे पर एक तुकांत कविता
- रपट:- शिक्षा की सर्वग्राहिता ही समाप्त होती जा रही है'-प्रो.रमेश दीक्षित
- चित्तौड़ एक्सप्रेस का 19 जून,2011 अंक
- फादर्स डे पर बेटी के नाम एक पत्र 'सफल नहीं, सार्थक बनो'
- अशोक जमनानी की दो नई कवितायेँ
- नागार्जुन पर आरा में जसम का एक आयोजन
- मालवा को रस भरियो तेवार "दिवासो"
- चित्तौड़गढ़ के गीतकार रमेश शर्मा
- डॉ. सदाशिव श्रोत्रिय का निबंध:-'रहम कीजिए सार्वजनिक उद्यानों पर'
- 'अपनी माटी' वेबपत्रिका सम्पादन मंडल-2011-13 की घोषणा
- चितौड़ एक्सप्रेस 12 जून,2011 अंक
- हम सब के बीच कितनी बची है 'ईमानदारी'
- पुस्तक समीक्षा:कैमरा नकली यंत्र नहीं, मेरी तीसरी आँख है– पुखराज जाँगिड़
- डॉ. सत्यनारायण व्यास की हालिया कविता 'माँ'
- 'अपनी माटी' वेबपत्रिका सम्पादन मंडल:सदस्य साथी वरिष्ठ कवि शैलेन्द्र चौहान
- मल्टीनेशनल कम्पनिया हमारी मित्र बनकर हमें लूट रही हैं
- प्रथम अखिल भारतीय ज्योतिष-वास्तु एवं बहुउद्देशीय जन-कल्याण सम्मलेन,रायपुर में
- दिलीप भाटिया की छ: लघु कथाएँ
- 'अपनी माटी' वेबपत्रिका सम्पादन मंडल:सदस्य–शोधार्थी पुखराज जाँगिड़
- कवि,लेखक और अनुवादक अशोक कुमार पाण्डेय
- 'अपनी माटी' वेबपत्रिका सम्पादन मंडल सदस्य कवि,लेखक और संस्कर्तिकर्मी कौशल किशोर
- 'शिक्षा का बाजारीकरण पूंजीवादी लूट का ज़रिया': भवानीशंकर होता
- आलेख :दो सबसे दुःखद प्रवृतियॉ:-भारतीय समाज सदा असंख्य स्वार्थी समूहो में विभक्त रहता है
- साहित्य अकादेमी के आयोजन,सहरसा में टूटी कुर्सियाँ-चली कुर्सियाँ
- 'अपनी माटी' वेबपत्रिका के जन संपर्क प्रबंधक अरुण चन्द्र रॉय
- डॉ. रंजन जैदी की नई किताब पर जनार्दन मिश्र की समीक्षा
- चौदह बाल कथाओं की प्रेरक श्रृंखला का द्वीभाषी प्रकाशन
- जनवादी लेखक संघ की तरफ से हुसैन को श्रद्धांजलि
- 'अपनी माटी' वेबपत्रिका सम्पादन मंडल सदस्य साथी-संतोष अलेक्स
- संगोष्ठी का आमंत्रण:-शिक्षा में व्यवसायीकरण का प्रभाव
- जया द्विवेदी की दो कवितायेँ
- फिर कोई हुसैन न बने:जन संस्कृति मंच की श्रद्धांजलि
- 'अपनी माटी' वेबपत्रिका सम्पादन मंडल सलाहकार:शिक्षाविद डॉ. दुर्गा प्रसाद अग्रवाल
- 'अपनी माटी' वेबपत्रिका सम्पादन मंडल:सदस्य अरविंद श्रीवास्तव
- परमाणु ऊर्जा :मामला,प्रभाव,भ्रांतियां और परिणाम
- 'अपनी माटी' वेबपत्रिका सम्पादन मंडल :सम्पादक:माणिक
- 'अपनी माटी' वेबपत्रिका सम्पादन मंडल सलाहकार : राजस्थानी और हिंदी कवि नन्द भारद्वाज
- 'अपनी माटी' वेबपत्रिका सम्पादन मंडल:सलाहकार जयप्रकाश मानस
- डॉ. सदाशिव श्रोत्रिय का निबंध:-'उत्सव केन्द्रित दर्शन व हम'
- नागार्जुन पर 15 जून,2011 को दिल्ली में एक और बड़ा आयोजन
- पुस्तक समीक्षा;-भारत अपने तमाम विरोधाभासो के बावजूद एक महाशक्ति के रूप में उभर रहा है.
- पुस्तक समीक्षा :-युवा पीढ़ी अपनी राह से भटक कर पश्चिम से भौतिकता की ओर आकर्षित हो रही है
- पुस्तक समीक्षा:-ज़ीरो दिया मेरे भारत ने ...............
- राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का बाहरवीं कला-2011 का परिणाम घोषित
- चित्तौड़गढ़ के लेखक-संस्कृतिकर्मी
- चित्तौड़गढ़ के प्रमुख अखबार और उनके ब्यूरो प्रमुख
- डॉ0 अजीत कुमार सारस्वत की दो गज़लें
- चित्तौड़ एक्सप्रेस,5 जून-2011 का अंक
- रक्तदान पर दिलीप भाटिया के अनुभव
- चित्तौड़ में महाराणा प्रताप जयंती के छायाचित्र
- शताब्दी के बहाने संवाद की पहल करती पत्रिका
- शिक्षाविद डॉ. ए.एल.जैन
- पुरातत्ववेता मुनि जिन विजय जी की ३४ वीं पुण्यतिथि
- गिरीश भट्ट की कहानी "माँ" प्रथम
- दिलीप भाटिया का निबंध 'समय उवाच'
- बदलते जीवन मूल्य पर कटाक्ष करती दिलीप भाटिया की तीन लघु कथाएँ
- दिलीप भाटिया की पत्रात्मक कहानी-'खाली नहीं, छलकता गिलास'
- दिव्या संजय जैन की ज़रूरी कविता
- पुण्य स्मरण:-चित्तौड़ के ख़ास व्यक्तित्व
- डॉ0 अजीत कुमार सारस्वत की गज़ल-' ज़िन्दगी की हर गली में तुम मिले'
- भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी की आशु कविता-'किलकारी पर तमाचे'
- होनहार मिली की चित्राकृतियां
- मूल्यपरक साहित्यिक एवं वैचारिक सामग्री प्रधान 'रचनाक्रम' पत्रिका:रचनाएं आमंत्रित
- विचार व कर्म से एक सक्रिय मार्क्सवादी के रूप में यादगार व्यक्तित्व प्रो.चन्द्रबली सिंह
आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतज़ार रहेगा.

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